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मेरे तरफ देखो बस तन्हा और तनहाई है। अंकित
रोज मर्रा के काम से थक हार जब घर लौट आता है
रुला देने वाली दर्द भारी शायरी एक बार जरूर पढे
दिल छू जाने वाली प्यार भरी शायरी एक बार जरूर पढे
एक बेबस बाप बेचारा छोटी सी कविता ..अंकित कुशवाहा
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